संस्था का मुख्य उद्देश्य
संस्था का मुख्य उद्देश्य एक ऐसे समाज की स्थापना करना है जिसमें किसी भी बच्चे को अनपढ़ता के अंधकार में न जीना पड़े। विशेषकर मासूम, जरूरतमंद और वंचित वर्ग के बच्चों के जीवन में बचपन से ही शिक्षा की रोशनी लाकर उन्हें समाज की मुख्यधारा में शामिल करने के लिए संस्था प्रतिबद्ध है। शिक्षा की अभाव में बढ़ता बचपन अनजाने में समाज के लिए बड़ी चुनौती और विघटनकारी साबित हो सकता है। दयनीय आर्थिक स्थिति में अभिभावकों के भी अशिक्षित होने के कारण बच्चे का नशे की लत, चोरी, लूटपाट तथा अन्य असामाजिक गतिविधियों में जड़े जाने की संभावना प्रबल हो सकती है। इस स्थिति में वे न केवल अपने भविष्य को नष्ट बैठते हैं बल्कि दूसरों के जीवन और समाज की शांति को भी खतरे में डाल सकते हैं। इसके विपरीत, जब यही बच्चे शिक्षित हो जाते हैं, तो उनके जीवन में एक नई दिशा और उद्देश्य आ जाता है। शिक्षा उन्हें आत्मनिर्भर बनाती है, उनका आत्मविश्वास बढ़ाती है और उन्हें समाज के प्रति जिम्मेदार नागरिक के रूप में विकसित करती है। ऐसे बच्चे आगे चलकर समाज और राष्ट्र की प्रगति में बहुमूल्य योगदान देते हैं। इसलिए शिक्षा ही वह सशक्त माध्यम है जिसके द्वारा इन मासूम बच्चों को बोझ नहीं, बल्कि समाज के लिए बहुमूल्य संपत्ति और प्रेरणास्रोत बनाया जा सकता है।
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